Not known Details About Court case



ओम नमो आदेश गुरु का। गिरह-बाज नटनी का जाया, चलती बेर कबूतर खाया, पीवे दारू खाय जो मांस, रोग-दोष को लावे पांस। कहां-कहां से लावेगा ? गुदगुद में सुद्रावेगा, बोटी-बोटी में से लावेगा, चाम-चाम में से लावेगा, नौ नाड़ी बहत्तर कोठा में से लावेगा, मार-मार बंदी कर लावेगा। न लावेगा तो अपनी माता की सेज पर पग रखेगा। मेरी भक्ति गुरु की शक्ति, फुरो मंत्र ईश्वरी वाचा।

हम सभी यह बात अच्छी तरह से जानते हैं कि चंद्र ग्रहण और सूर्य ग्रहण कई सालों के बाद आता है और चंद्र ग्रहण तथा सूर्य ग्रहण एक खगोलीय घटना होती है.

ऊँ ह्रीं श्रीं चामुण्डा सिंहवाहिनी बीसहस्ती भगवती रत्नमण्डित सोनन की माल ।

अपने गुरु एवं परमात्मा पर पूर्ण विश्वास और श्रद्धा रखें। 

उत्तर बांधों, दक्खिन बांधों, बांधों मरी मसान, डायन भूत के गुण बांधों, बांधों कुल परिवार, नाटक बांधों, चाटक बांधों, बांधों भुइयां वैताल, नजर गुजर देह बांधों, राम दुहाई फेरों।

शाबर मंत्र को सिद्ध करते समय इन नियमों का पालन करें

ॐ वज्र मुस्ठी वज्र किवाड़। वज्र बाँधों दश द्वार।

गुरु मंत्र की दीक्षा लेना अनिवार्य है।

हिंदू धर्म में ऐसी कई किताबों का उल्लेख है जिसमें असंख्य शक्तिशाली मंत्र दिए गए हैं जिसका चमत्कार समय-समय पर देखने को मिल जाता है.

मंत्र जाप के समय इस बात का ध्यान अवश्य रखें कि आपको लगभग सवा घंटे तक लगातार मंत्रों का जाप करना है या फिर आप चाहे तो जब तक सूर्य ग्रहण खत्म नहीं हो जाता तब तक साबर मंत्र का जाप कर सकते हैं.

आसन का उपयोग:- कुश, ऊन, या रेशमी आसन पर बैठकर जाप करें। आसन का रंग सफेद, लाल या पीला होना शुभ माना जाता है।

अगर आप ग्रहण काल के दरमियान किसी शाबर मंत्र को सिद्ध करना चाहते हैं तो सबसे पहले आपको जो भी मंत्र सिद्ध करना है उसे अच्छी तरीके से याद कर ले मतलब कि आप बिना किताबों को भी उस मंत्र को पढ़ पाए.

यह दोनों एक प्राकृतिक घटना होती है जो अपने आप घटित होती है, ऐसे में आप यह अवश्य सोचते होंगे कि check here आखिर यह घटनाएं कैसे होती है तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि जब चंद्रमा और पृथ्वी दोनों ग्रह के ठीक आमने सामने आती है तब यह घटनाएं होती है.

साधना के समय एकांत में रहें और अन्य गतिविधियों से बचें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *